Rooftop Solar Plant Installation Process from Start to Finish (Hindi Guide)

Learn the complete rooftop solar installation process in Hindi — from site survey, system design, structure, wiring, inverter, net metering to commissioning. A detailed step-by-step guide for customers, employees, and job seekers by Exolar Energy.

रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन प्रोसेस: स्टेप-बाय-स्टेप पूरी गाइड

आज के समय में सोलर सिर्फ बिजली बचाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह लॉन्ग-टर्म निवेश, पर्यावरण सुरक्षा, और बिज़नेस / घर की आर्थिक सुरक्षा का तरीका बन गया है।

लेकिन ज्यादातर लोग यह नहीं जानते कि रूफटॉप सोलर कैसे इंस्टॉल होता है, कौन-कौन से स्टेप्स होते हैं और हर स्टेप क्यों महत्वपूर्ण है। यह गाइड शुरुआत से लेकर सिस्टम चालू होने तक के पूरे प्रोसेस को आसान हिंदी में समझाएगा।

यह ब्लॉग नए कर्मचारियों, क्लाइंट्स, और जॉब सीकर्स दोनों के लिए उपयोगी है।


Step 1: PM Surya Ghar Portal Registration

अगर आप घर या व्यवसाय के लिए सब्सिडी लेना चाहते हैं, तो सबसे पहला स्टेप PM Surya Ghar पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन है।

क्यों जरूरी है:

  • सरकार की सब्सिडी पाने के लिए रजिस्ट्रेशन आवश्यक है
  • रजिस्ट्रेशन के बिना कोई इंस्टॉलेशन योजना मान्य नहीं होती

इसमें शामिल है:

  • ग्राहक की पर्सनल जानकारी
  • बिजली खपत और एड्रेस डिटेल्स
  • बैंक अकाउंट और आधार नंबर

टिप: EPC कंपनी जैसे Exolar, रजिस्ट्रेशन में मदद करती है ताकि सब्सिडी प्रोसेस आसान हो।

Step 2: Requirement Analysis & Site Survey

रजिस्ट्रेशन के बाद टीम साइट विजिट करती है। इसमें ध्यान दिया जाता है:

  • छत का टाइप (RCC, टिन शेड, फैक्ट्री शेड)
  • छत की मजबूती (Load Bearing Capacity)
  • छत का एरिया
  • छाया / Shadow Analysis
  • बिजली की खपत और लोड

क्यों जरूरी है:

  • सिस्टम सही साइज का होना चाहिए
  • पैनल का एंगल और स्ट्रक्चर सही तरीके से प्लान होना चाहिए

Step 3: System Design & Layout

साइट विजिट के बाद इंजीनियर सिस्टम डिजाइन करते हैं।

  • पैनलों की संख्या
  • पैनल एंगल (Tilt Angle)
  • स्ट्रक्चर टाइप (HDG / Aluminium)
  • इन्वर्टर कैपेसिटी
  • DC & AC वायरिंग प्लान

टिप: सही डिजाइन से बिजली की अधिकतम खपत का फायदा होता है।

Step 4: Structure Order Placement

सिस्टम डिजाइन के बाद माउंटिंग स्ट्रक्चर का ऑर्डर दिया जाता है।

  • Hot-Dip Galvanized (HDG) स्ट्रक्चर (जंग-रोधी, मजबूत)
  • वजन और साइज के अनुसार स्ट्रक्चर तैयार करना
  • Chemical fasteners और deep anchoring शामिल करना

टिप: स्ट्रक्चर की गुणवत्ता खराब हुई तो सिस्टम हवा और बारिश में हिल सकता है।

Step 5: Stage 1 Documentation Submission

इसमें ग्राहक और EPC कंपनी प्रारंभिक दस्तावेज़ (documents) जमा करते हैं

  • ग्राहक का पहचान पत्र (Aadhaar / PAN)
  • बिजली बिल
  • बैंक अकाउंट विवरण
  • PM Surya Ghar पोर्टल की प्रिंट

क्यों जरूरी है:

  • सरकार की सब्सिडी के लिए यह पहला सत्यापन होता है
  • बाद में सब्सिडी प्रोसेस इसी पर आधारित होती है

Step 6: Structure Dispatch

स्ट्रक्चर तैयार होने के बाद साइट पर डिस्पैच किया जाता है।

  • स्ट्रक्चर पैकिंग और ट्रांसपोर्ट
  • साइट पर रिसीव और इंस्टॉलेशन की तैयारी
  • Safety check

टिप: स्ट्रक्चर इंस्टॉलेशन से पहले सही एरिया पर रखी जाए।

Step 7: Solar Panels & Other Material Dispatch

स्ट्रक्चर के बाद सोलर पैनल, इन्वर्टर और अन्य सामग्री साइट पर भेजी जाती है।

  • Solar PV Panels
  • Inverter
  • DC & AC Cables
  • Mounting clamps and accessories

टिप: सभी सामान Manufacturer Certified और Quality Checked होना चाहिए।

Step 8: Plant Installation at Site

सभी सामग्री आने के बाद इंस्टॉलेशन शुरू होता है।

  • स्ट्रक्चर इंस्टॉल करना
  • पैनल फिक्स करना
  • DC वायरिंग करना
  • इन्वर्टर इंस्टॉल करना
  • AC लाइन कनेक्शन करना
  • Earthing और Lightning protection करना

टिप: हर स्टेप पर Safety Protocol फॉलो करना जरूरी है।

Step 9: Stage 2 & Stage 3 Final Documentation

इंस्टॉलेशन के बाद अंतिम दस्तावेज़ जमा किए जाते हैं।

  • Warranty Certificate
  • Manufacturer Invoice
  • Installation Completion Report
  • Net Metering Application Form

क्यों जरूरी है:

  • DISCOM inspection के लिए
  • Subsidy प्रोसेस को आगे बढ़ाने के लिए

Step 10: Inspection by DISCOM

सिस्टम इंस्टॉल होने के बाद DISCOM का निरीक्षण होता है।

  • सुरक्षा मानक
  • स्ट्रक्चर और पैनल फिटिंग
  • Inverter और wiring
  • Net Metering compliance

टिप: कोई भी कमी होने पर EPC टीम उसे तुरंत ठीक करती है।

Step 11: Net Meter Installation by DISCOM

Inspection के बाद नेट मीटर लगाना होता है।

  • Grid में extra electricity भेजने के लिए
  • Billing के लिए

टिप: Net Meter Installation के बाद ही सिस्टम पूर्ण रूप से चालू माना जाता है।

Step 12: Invoice & Certificates Handover to Client

सिस्टम चालू होने के बाद ग्राहक को सभी दस्तावेज़ और इनवॉइस मिलते हैं।

  • Installation Invoice
  • Warranty Certificates
  • Performance Guarantee
  • Subsidy Approval Documents

Step 13: Installation Details Upload on PM Surya Ghar Portal

सभी स्टेप्स के बाद EPC कंपनी सिस्टम डिटेल्स PM Surya Ghar पोर्टल पर अपलोड करती है।

  • Installation date
  • Panels and inverter details
  • Serial numbers
  • Final approval images

Step 14: Subsidy Redemption Process

आखिर में ग्राहक को सरकारी सब्सिडी मिलती है

  • EPC कंपनी सब्सिडी के लिए आवेदन करती है
  • Portal में सभी final documents submit
  • Bank Account में Subsidy Credit

टिप: इस स्टेप के बाद ग्राहक को अपने सिस्टम की पूरी कीमत में सरकारी छूट मिल जाती है।


निष्कर्ष (Conclusion)

रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन एक पूरी प्रक्रिया है, सिर्फ पैनल लगाना नहीं। सही स्टेप्स, सुरक्षा मानक, सही दस्तावेज़ और विशेषज्ञ टीम से ही लंबी उम्र, सही बिजली उत्पादन और सब्सिडी मिलती है।

Exolar Energy इस पूरे प्रोसेस को transparent और hassle-free बनाता है।